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मकर संक्रांति पर बाबा महाकाल का शृंगार
मकर संक्रांति पर उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल को तिल से बना उबटन लगाकर गर्म जल से स्नान कराया गया। स्नान-ध्यान के बाद भगवान का भांग, सूखे मेवे से शृंगार कर नए वस्त्र और आभूषण धारण कराए। तिली से बने छप्पन पकवानों का भोग लगाकर आरती की।
पं. अभिषेक शर्मा ने बताया कि ज्योतिर्लिंग की पूजन परंपरा में मकर संक्रांति के अवसर पर भगवान महाकाल को तिल से स्नान कराने और तिल्ली के पकवानों का भोग लगाने की परंपरा है। इस दिन भगवान को गुड़ और शक्कर से बने तिल्ली के लड्डुओं का भोग लगाया जाता है। ज्योतिर्लिंग की जलाधारी में भी तिल्ली अर्पित की जाती है।